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तेरी संगत, तेरी रंगत (Teri Sangat, Teri Rangat)

तेरी संगत, तेरी रंगत (Teri Sangat, Teri Rangat)

BY Vinod Sharma

Ebook Price:₹00/$00

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Description

यह कविता-संग्रह उत्तर भारतीय लोकभाषाओं-हिन्दी, उर्दू, पंजाबी और डोगरी-की सहज मिठास और आत्मीयता से बुना गया एक भावनात्मक श्रद्धांजलि-पुष्प है, जो गुरु महाराज जी. आर. “कंत” के दिव्य व्यक्तित्व और उनके उपदेशों को समर्पित है। हर कविता में साधारण जनजीवन की बोलचाल की भाषा के माध्यम से असाधारण आध्यात्मिक अनुभूतियों को स्वर दिया गया है, जिससे पाठक सीधे हृदय से जुड़ता है। इस पुस्तक में गुरु महाराज की अनुकम्पा (Kindness) को एक शीतल छाँव की तरह चित्रित किया गया है, जो हर थके हुए मन को सुकून देती है। उनकी मार्गदर्शन (Guidance) को जीवन के अंधेरों में दीपक बनकर राह दिखाते हुए प्रस्तुत किया गया है। कविताएँ उनके आभामंडल (Aura) का ऐसा वर्णन करती हैं, जिसमें प्रेम, शांति और दिव्यता का संयोग पाठक को आत्मिक स्पर्श देता है। साथ ही, संग्रह में उनके संदेशों (Messages) को आधुनिक जीवन की जटिलताओं और सामाजिक पीड़ा के संदर्भ में उकेरा गया है-जहाँ दर्द, संघर्ष और जागरूकता का गहरा एहसास भी मौजूद है। यह काव्य-संग्रह केवल स्तुति नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का एक माध्यम है, जो पाठक को भीतर झाँकने और जीवन के सच्चे अर्थ को समझने का निमंत्रण देता है। यह पुस्तक उन सभी के लिए है, जो भाषा की सादगी में आध्यात्मिक गहराई खोजते हैं और गुरु कृपा के प्रकाश में अपने जीवन को नई दिशा देना चाहते हैं।

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